Saar Sansaar
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A Quarterly Magazine of Foreign Language Literatures in Hindi
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"Saar Sansaar" is a Vorstellung of Dr. Amrit Mehta for those lovers of world literature, who want to read their literature in Hindi - in an undiluted form, where the original text does not come to them through the filter of English. This is a modest effort to restore Hindi it's rightful glorious place in the world, whereby Hindi readers do not have to depend on some English and American translator to decide for them, what kind of literature from various foreign languages they should read.

1. संपादक मंडल (सारे वही नाम) 2. चिट्ठी आई है.


नासिरा शर्मा द्वारा अनूदित ईरानी लघुकथाओं वाला शानदार अंक निकालने के लिए आपको बधाई देती हूँ सब कहानियां इतना बाँध कर रखने वाली है कि मैं उन्हें एक ही बार में पढ़ गई हूँ. पढ़ते हुए यह मालूम नहीं पड़ रहा था कि इन कहानियों की पृष्ठभूमि विदेशी है, क्योंकि सब की कथावस्तु और भावनाएं वैश्विक हैं. नासिरा शर्मा के मूल साहित्य को मैं बचपन से ही बड़ी दिलचस्पी से पढ़ती रही हूँ, एक पल के लिए भी मुझे ऐसा नहीं लगा कि मैं अनुवाद पढ़ रही हूँ. और वह तो एक उत्कृष्ट अनुवादक भी हैं. आपसे और भी ऐसे अंको की आशा रखती हूँ.
-शोभा नारायण, नई दिल्ली

आपकी भेजी आपकी पत्रिका ‘सार संसार' मुझे बराबर मिल रही है। धन्यवाद। अभी अप्रैल-जून 2018 अंक प्राप्त हुआ। चूँकि मेरा काम भी विश्व साहित्य से जुड़ा है अत: आपकी पत्रिका पढ़ना अच्छा लगता है। खासकर गुंटर ग्रास की जीवनी बहुत अच्छी बन पड़ी है। नासिरा शर्मा की अनुवादित कहानी बड़ी रोचक है। आप हिन्दी जगत को विश्व साहित्य से परिचित करा कर एक महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
-विजय शर्मा, जमशेदपुर

अनुवादक परिचय अमृत मेहता जJ-3/C, लाजपत नगर 3 नै दिल्ली-110024 दागमार मारकोवा चार्ल्स यूनिवर्सिटी प्राग, चेक गणतंत्र रिज़वानुर रहमान स्कूल ऑफ़ अफ्रीकन स्टडीज़ जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी नई दिल्ली- 110067 यूरी बोतविंकिन कीव यूनिवर्सिटी कीव , यूक्रेन

संपादक की कलम से...
सार संसार का इस वर्ष का अंतिम अंक आपके लिए दर्ज़न भर विदेशी साहित्य के पाठ ले कर आया है.1 चेक कथा है यूरी स्लावोचिक की लिखी, 1 सीरियाई नबीह शेआर की, आस्ट्रियाई पीटर तुर्रीनी की, और एक रूसी लोक-कथा. दो स्लोवाक उपन्यास अंश हैं, एक योज़ेफ़ बानाश के और एक मारिया बातोरोवा के एक उपन्यास से. एक अंश स्विस फ्रांत्स होलर के उपन्यास “प्रस्तर वृष्टि” से भी है, और कुछ अंश नोबेल पुरस्कार विजेता जर्मन लेखक ग्युन्टर ग्रास के कोलो यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर नोएहॉउस द्वारा लिखे गए जीवन चरित से हैं. चार कविताएँ हैं, एक सुप्रसिद्ध जर्मन लेखक बेर्टोल्ट ब्रेष्ट की और एक दूसरी जर्मन लेखक आन्द्रेआस रुमलर की. एक-एक कविता आस्ट्रियाई डीटर श्पेर्ल और यूक्रेनी वोलोदीमीर लिमचुक की है. उल्लेखनीय हैं इन में दो कविताएं! इस पत्रिका में पहली बार किसी यूक्रेनी लेखक का साहित्य प्रकाशित हुआ है. वोलोदीमीर लिमचुक अपने देश के एक सुप्रसिद्ध युवा लेखक हैं, जिनकी कृतियों का विश्व की अनेक भाषाओँ में अनुवाद हो चुका है. उनकी कविता के अनुवादक यूरी बोतवींकिन हैं, जो कीव यूनिवर्सिटी में हिंदी के शिक्षक हैं, और वह हमारे 94वें ऐसे अनुवादक हैं, जिन्होंने अपना अनुवाद का सफ़र सार संसार से आरम्भ किया है. कीव में व्याख्याता लगने से पूर्व यूरी ने hindi की शिक्षा दिल्ली के केन्द्रीय हिंदी संसथान से और फिर ग्वालियर की शिवाजी यूनिवर्सिटी से पाई है. दूसरी कविता, जो जर्मन लेखक अन्द्रेआस रुम्लर ने लिखी है, वन नितांत समसामयिक है, इस्तम्बूल स्थित सऊदी अरब के दूतावास में सऊदी पत्रकार जमाल खाशोग्गी की नृशंस हत्या पर. जो एक और तो मर्म को छूती है, तो दूसरी और गैर-लोकतांत्रिक देशों में हो रहे मानवाधिकारों के हनन पर आक्रोश जगाती है. उम्मीद है कि देश-देश के साहित्य से पिरोई यह साहित्य-माला पाठकों को अवश्य पसंद आएगी
- अमृत मेहता

The Oct.-Dec.2018 issue brings you a dozen texts from different foreign languages . There is one Czech story by Yiri Slavicek, one story each by Syriyan Nabih Shear, Austrian Peter Turrini and a Russian volks-tale. There are two excerpts from Slovaks Jozef Banas and Maria Batorova. Then there is continuation of Günter Gras' biography by Volker Neuhaus and from a novel by Franz Hohler. There are four poems, one each by German legendary author Guenter Gras, and another German poet Andreas Rumler,Austrian Dieter Sperl and Ukrainian Volodymyr Timcuk. I would make special mention of two of the poems! This magazine is publishing a text, a poem in this case, from Ukraine for the first time. Young poewriter Volodymyr Timcuk is very well-know known author in his country, whose work has been translated into many foreign languages. The Hindi translator of his poem is Yury Botvinkin, who is teaching Hindi at the University of Kiev, and he is our 94th translator, who has started his journey as a literary translator with our magazine. Before getting appointed as Lecturer in the Kiev University Yury had studied Hindi in Delhi's Central Hindi Institute and Gwalior's Shivaji University. Rumler's German poem is very contemporary, about the beastly murder of the Saudi journalist Jamal Khashoggi in the Saudi Embassy in Istanbul, which on the one hand has shaken the conscious of citizens of democratic world, but at the same time has brought out कीव में व्याख्याता लगने से पूर्व यूरी ने hindi की शिक्षा दिल्ली के केन्द्रीय हिंदी संसथान से और फिर ग्वालियर की शिवाजी यूनिवर्सिटी से पाई हैशिवाजी यूनिवर्सिटी से पाई है. दूसरी कविता, जो जर्मन लेखक अन्द्रेआस रुम्लर ने लिखी है, वन नितांत समसामयिक है, इस्तम्बूल स्थित सऊदी अरब के दूतावास में सऊदी पत्रकार जमाल खाशोग्गी की नृशंस हत्या पर. जो एक और तो मर्म को छूती है, तो दूसरी और गैर-लोकतांत्रिक देशों में हो रहे मानवाधिकारों के हनन पर आक्रोश जगाती है. उम्मीद है कि देश-देश के साहित्य से पिरोई यह साहित्य-माला पाठकों को अवश्य पसंद आएगी उम्मीद है कि देश-देश के साहित्य से पिरोई यह साहित्य-माला पाठकों को अवश्य पसंद आएगी




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